Monday, March 19, 2012

स्वभाव

योग्यता का कोई पद नही है ,स्वभाव है
लाओत्से का यह सूत्र इससंदर्भ में समझे ।
योग्यता को हम पद क्यों बनाये ?योग्यता को स्वभाव क्यों न माने!
इस फर्क को समझ लेना चाहिए ,इस फर्क पर बड़ी बाते निर्भर होगी ।योग्यता को हम स्वभाव क्यों न माने !
योग्यता को हम पद क्यों बनाये ?एक आदमी गणित में कुशल है ,यह उसका स्वभाव है और एक आदमी संगीत 
में कुशल है यह उसका स्वभाव है ।और एक आदमी गणित में कमजोर  है यह कमजोरी उसका स्वभाव है ।
जो गणित मै कुशल है उसकी कोइ खूबी नहीं ,क्योकि गणित कुशलता उसे प्रकृति से मिलती है और गणित में
कमजोर है उसका दुर्गुण नहीं ,क्योकि गणित की यह अकुशलता उसे उसी तरह प्रकृति से मिलती है  जेसे कुशलता
वाले को कुशलता मिलती है हम चूंकिइस प्रकृति को स्वीकार नही कर पातेऔर एक के साथ पद मर्यादा जोड़ देते हे
और दुसरे के साथ पद हीनता जोड़ देते है तो हम विग्रह और कलह और संघर्ष को जन्म देते है ।इसका अर्थ यह हुआ की हम कभी यह नहीं देख पाते की प्राकर्तिक क्या है स्व,भाव क्या है ।

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