दिया हुआ कभी व्यर्थ नहीं जाता :कहा जाता हे की ,जो दिया जाता है वह सोना हो जाता है जो रख लिया जाता हे वह मिट्टी हो जाता है .दिया जाना ही ले जाने का मार्ग है जो हाथो से से कमाओगे वाही तुम्हारा है मरने के बाद लोग ,रिश्ते नाते दार आत्मा की शांति के लिए भगवन से प्रार्थना करेगे लेकिन यह सब तुम्हारे किसी काम की नहीं .जोपरार्थ्ना होंश में करोगे वाही तुम्हारे काम में आएगी .
जीवन में परमात्मा व् मर्त्यु को सदा याद रखो बस भूलो तो अपने साथ किये गए व्यवहार को किसी ने तुम्हारे साथ बुरा व्यवहार किया तो उसे दिल में गांठ बांध कर मत रखो ,इससे बदले की भावना जागे गी किसी का भला किया तो भूल जाओ वर्ना अहंकार आएगा आज कल लोग भूलने वाली बाते याद रखते हे और याद रखने वाली बाते भूल जाते हे दान का प्रदर्शन मत कीजिये :दान व् स्नान गुप्त होना चाहिए .दान करते समय बच्चे का हाथ भी लगाइए ताकि उसे भी दान का संस्कार पड़े मंदिर पैदल जाइये सुख सुविधा छोड़ कर जाइये इससे परभू की कृपा अवश्य प्राप्त होगी .
" मुनिश्री "
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