Saturday, March 31, 2012

विचार

जिस व्यक्ति के मन में जेसे भाव होंगे उसके विचार भी वेसे ही प्रकट होते हे .जो मन के भीतर चलता हे वही बहार दिखाई पड़ता है उसी प्रकार हम जो लोगो को देते है वही हमे मिलता है  इस संसार में केवल सुकून की तलाश मै घुमाने वालो को कभी  सुख शांति नहीं मिल पाती .जिसके भाग्य में जो लिखा उससे ज्यादा उसे नहीं मिलने वाला है कोई चाहे कितना भी प्रयास करले,भाग्य के लेख को नही बदला जा सकता .किसी को दुखी देखकर अगर मन मै दया भाव आ जाये तो समझ लेना चाहिए  की वह सच्चा उपासक है ...

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