Saturday, September 24, 2011

मेरा आदर्श समाज

आप पूछ सकते हैं, यदि आप वर्ण और जाति नहीं चाहते, तो आपका आदर्श समाज क्‍या है। मैं कहूंगा, एक ऐसा समाज, जिसमें न्‍याय, बन्‍धुता, समता और स्‍वतंत्रता हो। मैं समझता हूं, किसी भी विचारवान को इससे इन्‍कार न होना चाहिए। बन्‍धुता का अर्थ यह है कि देश में उत्‍पन्‍न सभी व्‍यक्ति परस्‍पर भाई-भाई हैं और सभी का पिता की संपत्ति की भांति देश की संपत्ति पर समान अधिकार है। जीवन के लिए आवश्‍यक भोजन, वसन, औ‍षधि और शिक्षा के लिए सभी बराबर के हकदार हैं। इसी का नाम बन्‍धुता या भाईचारा है। इसका दूसरा नाम है जनतंत्र या लोकतंत्र।

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